: दुर्ग में महिला-बच्चों को जलाने की कोशिश; रिपेयर कराने को लेकर हुआ था विवाद
Thu, Dec 5, 2024
छत्तीसगढ़ के दुर्ग में उधार की कार को हादसे के बाद आग लगाने की घटना सामने आई है। दरअसल एक युवक पहचान वाले से कार मांग कर ले गया था, रास्ते में गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया। जिसे बनवाने को लेकर विवाद हो गया। थाने में शिकायत करने पर आरोपी ने कार में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। पीड़ित महिला का आरोप है कि उसे और उसके बच्चों से मारपीट कर उन्हें जलाने की कोशिश की गई। घटना जेवरा सिरसा चौकी क्षेत्र के देवार मोहल्ले की है।
शिकायतकर्ता सुभद्रा गोस्वामी का आरोप है कि, पुलिस ने कार में तोड़फोड़ की घटना पर कोई एक्शन नहीं लिया। इसलिए मनोज यादव ने गुंडागर्दी। पुलिस ने अब दोनों पक्ष के खिलाफ काउंटर केस दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि, दोनों एक ही गांव के रहने वाले हैं।
दूसरे की कार को ठोका
जानकारी के अनुसार, मनोज यादव ने 30 नवंबर को सुभद्रा गोस्वामी की कार ली थी। वो नशे में कार चलाते समय कहीं हादसे का शिकार हो गया। जब मनोज घर छोड़ने आया, तो सुभद्रा गोस्वामी उस पर चिल्लाने लगी। कार की मरम्मत करवाने के लिए कहने लगी।
बेटे ने मांगी थी माफी इस पर मनोज यादव भड़क गया। उसने कहा कि, वो कार नहीं बनवाएगा। दोनों ने एक-दूसरे से गाली-गलौज की। अगले दिन मनोज यादव का बेटा सुभद्रा गोस्वामी के घर गया और अपने पिता की ओर से माफी मांगकर मामला शांत करवा दिया।
मनोज यादव ने पहले कार में तोड़फोड़ की थी।
वाहनों में तोड़फोड़, पुलिस ने नहीं लिया एक्शन
लेकिन 3 नवंबर को दोबारा विवाद हो गया। दोपहर के समय मनोज अपने दोस्तों के साथ पहुंचकर कार और बाइक में तोड़फोड़ कर दी। जिसके बाद सुभद्रा गोस्वामी और उसका परिवार जेवरा सिरसा चौकी शिकायत दर्ज कराने पहुंचा। परिजनों का आरोप है कि, पुलिस ने न तो शिकायत दर्ज की न कोई कार्रवाई की।
रात में आकर कार में लगा दी आग
जिसके बाद रात 8 बजे मनोज यादव फिर नशे में अपने दोस्तों के साथ गोस्वामी के घर पहुंच गया। बाहर खड़ी कार में डीजल डालकर आग लगा दी। जब सुभद्रा गोस्वामी चिल्लाने लगी, तो बच्चों और उसके साथ मारपीट की गई।
छत्तीसगढ़ में इस तरह की और भी खबर पढ़ें 1. कोरबा में बदमाश ने व्यवसायी की कार में लगाई आग:पीड़ित ने कहा- सूचना देने के बावजूद पुलिस ने नहीं की कार्रवाई
कोरबा में दर्री रोड स्थित अविनाश प्रिंटर्स और स्टेशनरी के संचालक हेमंत अग्रवाल की कार को मंगलवार रात करीब 1:30 बजे जला दिया गया। इस घटना से लगभग ढाई घंटे पहले हेमंत ने पुलिस को एक संदिग्ध युवक के बारे में जानकारी दी थी, लेकिन उनकी शिकायत को हल्के में लिया गया। नतीजतन, व्यवसायी को लाखों का नुकसान उठाना पड़ा। पढ़ें
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छत्तीसगढ़ के रायपुर के लाखे नगर ढाल में शुक्रवार की रात एक चलती कार में भीषण आग लग गई। कार के बोनट से धुआं निकलता देख सभी लोग नीचे उतर गए। जिससे वो बाल-बाल बच गए। कुछ मिनटों में आग की तेज लपटें उठने लगीं और कार पूरी तरह से जलकर खाक हो गई। मामला पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर
: SP ने मोहन नगर TI को किया लाइन अटैच
Thu, Dec 5, 2024
SP ने मोहन नगर TI को किया लाइन अटैच:दुर्ग आईजी के पास गांजा लेकर पहुंचा था शिकायतकर्ता,इससे पहले 38 पुलिसकर्मियों का हुआ था तबादला
दुर्ग एसपी जितेंद्र शुक्ला ने मोहन नगर थाने की टीआई नवी मोनिका पाण्डेय को लाइन अटैच कर दिया है। आदेश में तबादले का कारण प्रशासनिक बताया जा रहा है, लेकिन सूत्रों से पता चला है कि, मोहन नगर थाना क्षेत्र से एक शिकायतकर्ता गांजा लेकर आईजी ऑफिस पहुंचा था। इसके बाद यह कार्रवाई की गई है।
एसपी ने 3 दिसंबर की शाम मोहन नगर थाना प्रभारी को लाइन अटैच करने का सिंगल आदेश निकाला था। मोनिका पाण्डेय काफी वरिष्ठ थाना प्रभारी हैं। लंबे समय तक दुर्ग जिले में काम कर चुकी है। अचानक आए इस आदेश से पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बना है।
विभाग सूत्रों से मिल रही दो तरह की बातें
पुलिस विभाग के पुष्ट सूत्रों से जानकारी मिली है कि, मोहन नगर थाना इलाके से कोई व्यक्ति दुर्ग आईजी रामगोपाल गर्ग के पास पहुंचा था। उसने शिकायत की मोहन नगर थाने में गांजा बिक रहा है। इसके बाद आईजी एसपी दुर्ग जितेंद्र शुक्ला को यह बात बताई। दुर्ग एसपी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए टीआई मोनिका पाण्डेय को थाने से हटा दिया
6 दिन पहले ही किया था थोक में तबादला
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दुर्ग एसपी जितेंद्र शुक्ला ने 6 दिन पहले ही 38 पुलिसकर्मियों का तबादला किया था। इसमें 7 टीआई, 4 एसआई, 3 एएसआई, 8 हवलदार और 16 कॉन्स्टेबल शामिल थे। इसमें दो इंस्पेक्टर को लाइन अटैच किया गया है। कई पुलिस वालों को नशा, जुआ और सट्टे पर कार्रवाई नहीं करने पर बदला गया था। इसके बाद मोनिका पाण्डेय का सिंगल आदेश निकाला गया है।
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1- दुर्ग में 38 पुलिसकर्मियों का तबादला:7 टीआई, 4 एसआई, 3 एएसआई, 8 हवलदार और 16 कॉन्स्टेबल शामिल, दो लाइन अटैच,लगातार मिल रही थी शिकायतें
दुर्ग एसपी जितेंद्र शुक्ला ने 38 पुलिसकर्मियों का तबादला किया है। जिसमें 7 टीआई, 4 एसआई, 3 एएसआई, 8 हवलदार और 16 कॉन्स्टेबल शामिल हैं। इसमें दो इंस्पेक्टर को लाइन अटैच किया गया है। कई पुलिस वालों को नशा, जुआ और सट्टे पर कार्रवाई नहीं करने पर बदला गया है। यहां पढ़िए पूरी खबर
2 - 6 TI, एक SI, 12 ASI, 273 आरक्षकों का तबादला: दुर्ग SP ने बदले सभी थानों के प्रभारी, एक ही दिन आई 2 अलग-अलग लिस्ट
दुर्ग एसपी जितेंद्र शुक्ला ने जिले के सभी थानों में पदस्थ TI रैंक से लेकर आरक्षक तक का ट्रांसफर आदेश जारी किया है। SP ने 2 ट्रांसफर आदेश निकाले हैं। पहली लिस्ट में 6 टीआई, एक SI और 12 ASI के नाम शामिल हैं। वहीं दूसरी लिस्ट में 273 आरक्षकों को एक थाने से दूसरे जगह भेजा गया है। यहां पढ़िए पूरी खबर
: भिलाई टाउनशिप के कब्जेदारों पर एक्शन
Thu, Dec 5, 2024
भिलाई टाउनशिप के कब्जेदारों पर एक्शन
रिटेंशन आवास को लेकर चल रही उथल-पुथल। बीएसपी प्रबंधन ने कहा- कब्जेदारों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। माहौल खराब नहीं होने दिया जाएगा।
• संपदा न्यायालय के आदेश पर बेदखली की कार्यवाही निरन्तर जारी।
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सीज
न्यी लाइव 24 न्यूज भिलाई। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र (SAIL - Bhilai Steel plant) के नगर सेवाएं विभाग (Municipal Services Department) के प्रवर्तन अनुभाग द्वारा कब्जेधारियों के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही करते हुए टाउनशिप के 15 बीएसपी आवासों में पुलिस प्रशासन के सहयोग से बेदखली कार्यवाही की गई।
प्रवर्तन विभाग द्वारा सेक्टर-6 के 11 आवास, सेक्टर-1 का एक आवास, सेक्टर-2 का एक आवास, सेक्टर-7 का एक आवास तथा रिसाली सेक्टर के एक आवास को खाली करवाया गया। सभी रिक्त आवासों में से कुछ आवास को रखरखाव कार्यालय, कुछ को आवंटी तथा कुछ आवासों को संपदा न्यायालय को सुपुर्द किया गया।
उल्लेखनीय है कि संपदा न्यायालय से डिक्री पारित तीन आवासों में बली की कार्यवाही लंबित थी, इन आवासों में बेदखली पश्चिम विद्युत विभाग द्वारा विद्युत विच्छेद किया गया। इन आवासों को दलालों, भू माफियाओं, अपराधियों द्वारा किराया पर चलाया जा रहा था।
ऐसे अनेक अवैध कब्जाधारी जिनके विरुद्ध संपदा न्यायालय द्वारा डिक्री आदेश पारित की जा चुकी हैं, परन्तु डिक्री पारित होने के बावजूद लंबे समय से अवैध कब्जे को खाली नहीं कर रहे है। इनके द्वारा अपने अवैध कब्जे को बनाये रखने जेबी संगठन बनाकर जुलूस नुमा शक्ल में जिला प्रशासन को ज्ञापन दिए जाने की जानकारी भी प्राप्त हुई है।
सेवानिवृत्ति के बाद भी कुछ समय तक इन आवासों में निवास करने की ९ भिलाई ९ इस्पात संयंत्र प्रबंधन की कल्याणकारी योजना का अनुचित लाभ लेते हुए ऐसे अवैध कब्जेधारियों के द्वारा आवास खाली नहीं करने के वजह से बीएसपी कार्मिकों को उच्च श्रेणी के आवास नहीं मिल पा रहे हैं। साथ ही संयंत्र प्रबंधन को ऐसे कल्याणकारी योजना पर पुनर्विचार के लिए बाध्य किया जा रहा है।
इसके अलावा न्यायालीन प्रक्रिया के तहत जारी बेदखली आदेश को जातिवाद का रंग देकर भिलाई की शांतिपूर्ण माहौल को खराब करने का प्रयास कुछ लोगों द्वारा लगातार किया जा रहा है। न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत निष्पादित कार्य पर आपत्तिजनक टिप्पणी ना केवल संवैधानिक प्रणाली पर अनास्था को प्रदर्शित करता है।
वहीं, आधारहीन टिप्पणी कर न्यायालय की अवमानना की जा रही है। लोक कल्याणकारी संगठन चलाने वाले लोग स्वयं अवैध कब्जाधारी है। सरकारी आवासों को खाली करने के बजाय इन अवैध कब्जेधारियों द्वारा हठधर्मिता दिखाते हुए अवैध कब्जे खाली नहीं कर अन्य अवैध कब्जेधारियों को बीएसपी आवासों को खाली नहीं करने हेतु उकसाया भी जा रहा है।
ज्ञातव्य है कि भिलाई इस्पात संयंत्र (Bhilai STeel Plant) द्वारा रिटेंशन आवास रिटायरमेंट के पश्चात निर्धारित समय सीमा जो कि अलग-अलग योजना में अलग अलग होती है। यह किसी योजना में दो वर्षों, किसी में एक वर्ष तथा कुछ महीने की है। इस समय अवधि के समाप्ति को कई वर्षों से अधिक हो चुके है। संपदा न्यायालय द्वारा इनका मकानों का आबंटन रद्द कर इनके विरुद्ध बेदखली कार्यवाही हेतु डिक्री पारित किया जा चुका है।
कब्जेधारियों और भू-माफियाओं के विरुद्ध विभाग द्वारा कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी। 04 दिसम्बर 2024 को प्रवर्तन विभाग द्वारा ठेला माफियाओं के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए दस ठेलों को टाउनशिप के विभिन्न सेक्टर्स से जब्त किया गया।
इन ठेलों के वजह से आवागमन बाधित होने के साथ सड़क दुर्घटना की संभावना बनी रहती थी। इसके अलावा टाउनशिप में अवैध रूप से लगाए गए बैनर व पोस्टर हटाए गए। साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से सड़क दुर्घटनाओं को कम करने हेतु मिराज सिनेमा तथा जवाहर उद्यान के आस-पास से कुल 15 आवारा मवेशियों को पकड़ कर भिलाई नगर निगम द्वारा संचालित कोसा नगर गौठान को सौंपा गया।