: भिलाई टाउनशिप के कब्जेदारों पर एक्शन
Admin Thu, Dec 5, 2024
भिलाई टाउनशिप के कब्जेदारों पर एक्शन
रिटेंशन आवास को लेकर चल रही उथल-पुथल। बीएसपी प्रबंधन ने कहा- कब्जेदारों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। माहौल खराब नहीं होने दिया जाएगा।
• संपदा न्यायालय के आदेश पर बेदखली की कार्यवाही निरन्तर जारी।
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सीजन्यी लाइव 24 न्यूज भिलाई। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र (SAIL - Bhilai Steel plant) के नगर सेवाएं विभाग (Municipal Services Department) के प्रवर्तन अनुभाग द्वारा कब्जेधारियों के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही करते हुए टाउनशिप के 15 बीएसपी आवासों में पुलिस प्रशासन के सहयोग से बेदखली कार्यवाही की गई।
प्रवर्तन विभाग द्वारा सेक्टर-6 के 11 आवास, सेक्टर-1 का एक आवास, सेक्टर-2 का एक आवास, सेक्टर-7 का एक आवास तथा रिसाली सेक्टर के एक आवास को खाली करवाया गया। सभी रिक्त आवासों में से कुछ आवास को रखरखाव कार्यालय, कुछ को आवंटी तथा कुछ आवासों को संपदा न्यायालय को सुपुर्द किया गया।
उल्लेखनीय है कि संपदा न्यायालय से डिक्री पारित तीन आवासों में बली की कार्यवाही लंबित थी, इन आवासों में बेदखली पश्चिम विद्युत विभाग द्वारा विद्युत विच्छेद किया गया। इन आवासों को दलालों, भू माफियाओं, अपराधियों द्वारा किराया पर चलाया जा रहा था।
ऐसे अनेक अवैध कब्जाधारी जिनके विरुद्ध संपदा न्यायालय द्वारा डिक्री आदेश पारित की जा चुकी हैं, परन्तु डिक्री पारित होने के बावजूद लंबे समय से अवैध कब्जे को खाली नहीं कर रहे है। इनके द्वारा अपने अवैध कब्जे को बनाये रखने जेबी संगठन बनाकर जुलूस नुमा शक्ल में जिला प्रशासन को ज्ञापन दिए जाने की जानकारी भी प्राप्त हुई है।
सेवानिवृत्ति के बाद भी कुछ समय तक इन आवासों में निवास करने की ९ भिलाई ९ इस्पात संयंत्र प्रबंधन की कल्याणकारी योजना का अनुचित लाभ लेते हुए ऐसे अवैध कब्जेधारियों के द्वारा आवास खाली नहीं करने के वजह से बीएसपी कार्मिकों को उच्च श्रेणी के आवास नहीं मिल पा रहे हैं। साथ ही संयंत्र प्रबंधन को ऐसे कल्याणकारी योजना पर पुनर्विचार के लिए बाध्य किया जा रहा है।
इसके अलावा न्यायालीन प्रक्रिया के तहत जारी बेदखली आदेश को जातिवाद का रंग देकर भिलाई की शांतिपूर्ण माहौल को खराब करने का प्रयास कुछ लोगों द्वारा लगातार किया जा रहा है। न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत निष्पादित कार्य पर आपत्तिजनक टिप्पणी ना केवल संवैधानिक प्रणाली पर अनास्था को प्रदर्शित करता है।
वहीं, आधारहीन टिप्पणी कर न्यायालय की अवमानना की जा रही है। लोक कल्याणकारी संगठन चलाने वाले लोग स्वयं अवैध कब्जाधारी है। सरकारी आवासों को खाली करने के बजाय इन अवैध कब्जेधारियों द्वारा हठधर्मिता दिखाते हुए अवैध कब्जे खाली नहीं कर अन्य अवैध कब्जेधारियों को बीएसपी आवासों को खाली नहीं करने हेतु उकसाया भी जा रहा है।
ज्ञातव्य है कि भिलाई इस्पात संयंत्र (Bhilai STeel Plant) द्वारा रिटेंशन आवास रिटायरमेंट के पश्चात निर्धारित समय सीमा जो कि अलग-अलग योजना में अलग अलग होती है। यह किसी योजना में दो वर्षों, किसी में एक वर्ष तथा कुछ महीने की है। इस समय अवधि के समाप्ति को कई वर्षों से अधिक हो चुके है। संपदा न्यायालय द्वारा इनका मकानों का आबंटन रद्द कर इनके विरुद्ध बेदखली कार्यवाही हेतु डिक्री पारित किया जा चुका है।
कब्जेधारियों और भू-माफियाओं के विरुद्ध विभाग द्वारा कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी। 04 दिसम्बर 2024 को प्रवर्तन विभाग द्वारा ठेला माफियाओं के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए दस ठेलों को टाउनशिप के विभिन्न सेक्टर्स से जब्त किया गया।
इन ठेलों के वजह से आवागमन बाधित होने के साथ सड़क दुर्घटना की संभावना बनी रहती थी। इसके अलावा टाउनशिप में अवैध रूप से लगाए गए बैनर व पोस्टर हटाए गए। साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से सड़क दुर्घटनाओं को कम करने हेतु मिराज सिनेमा तथा जवाहर उद्यान के आस-पास से कुल 15 आवारा मवेशियों को पकड़ कर भिलाई नगर निगम द्वारा संचालित कोसा नगर गौठान को सौंपा गया।
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सीजन्यी लाइव 24 न्यूज भिलाई। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र (SAIL - Bhilai Steel plant) के नगर सेवाएं विभाग (Municipal Services Department) के प्रवर्तन अनुभाग द्वारा कब्जेधारियों के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही करते हुए टाउनशिप के 15 बीएसपी आवासों में पुलिस प्रशासन के सहयोग से बेदखली कार्यवाही की गई।
प्रवर्तन विभाग द्वारा सेक्टर-6 के 11 आवास, सेक्टर-1 का एक आवास, सेक्टर-2 का एक आवास, सेक्टर-7 का एक आवास तथा रिसाली सेक्टर के एक आवास को खाली करवाया गया। सभी रिक्त आवासों में से कुछ आवास को रखरखाव कार्यालय, कुछ को आवंटी तथा कुछ आवासों को संपदा न्यायालय को सुपुर्द किया गया।
उल्लेखनीय है कि संपदा न्यायालय से डिक्री पारित तीन आवासों में बली की कार्यवाही लंबित थी, इन आवासों में बेदखली पश्चिम विद्युत विभाग द्वारा विद्युत विच्छेद किया गया। इन आवासों को दलालों, भू माफियाओं, अपराधियों द्वारा किराया पर चलाया जा रहा था।
ऐसे अनेक अवैध कब्जाधारी जिनके विरुद्ध संपदा न्यायालय द्वारा डिक्री आदेश पारित की जा चुकी हैं, परन्तु डिक्री पारित होने के बावजूद लंबे समय से अवैध कब्जे को खाली नहीं कर रहे है। इनके द्वारा अपने अवैध कब्जे को बनाये रखने जेबी संगठन बनाकर जुलूस नुमा शक्ल में जिला प्रशासन को ज्ञापन दिए जाने की जानकारी भी प्राप्त हुई है।
सेवानिवृत्ति के बाद भी कुछ समय तक इन आवासों में निवास करने की ९ भिलाई ९ इस्पात संयंत्र प्रबंधन की कल्याणकारी योजना का अनुचित लाभ लेते हुए ऐसे अवैध कब्जेधारियों के द्वारा आवास खाली नहीं करने के वजह से बीएसपी कार्मिकों को उच्च श्रेणी के आवास नहीं मिल पा रहे हैं। साथ ही संयंत्र प्रबंधन को ऐसे कल्याणकारी योजना पर पुनर्विचार के लिए बाध्य किया जा रहा है।
इसके अलावा न्यायालीन प्रक्रिया के तहत जारी बेदखली आदेश को जातिवाद का रंग देकर भिलाई की शांतिपूर्ण माहौल को खराब करने का प्रयास कुछ लोगों द्वारा लगातार किया जा रहा है। न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत निष्पादित कार्य पर आपत्तिजनक टिप्पणी ना केवल संवैधानिक प्रणाली पर अनास्था को प्रदर्शित करता है।
वहीं, आधारहीन टिप्पणी कर न्यायालय की अवमानना की जा रही है। लोक कल्याणकारी संगठन चलाने वाले लोग स्वयं अवैध कब्जाधारी है। सरकारी आवासों को खाली करने के बजाय इन अवैध कब्जेधारियों द्वारा हठधर्मिता दिखाते हुए अवैध कब्जे खाली नहीं कर अन्य अवैध कब्जेधारियों को बीएसपी आवासों को खाली नहीं करने हेतु उकसाया भी जा रहा है।
ज्ञातव्य है कि भिलाई इस्पात संयंत्र (Bhilai STeel Plant) द्वारा रिटेंशन आवास रिटायरमेंट के पश्चात निर्धारित समय सीमा जो कि अलग-अलग योजना में अलग अलग होती है। यह किसी योजना में दो वर्षों, किसी में एक वर्ष तथा कुछ महीने की है। इस समय अवधि के समाप्ति को कई वर्षों से अधिक हो चुके है। संपदा न्यायालय द्वारा इनका मकानों का आबंटन रद्द कर इनके विरुद्ध बेदखली कार्यवाही हेतु डिक्री पारित किया जा चुका है।
कब्जेधारियों और भू-माफियाओं के विरुद्ध विभाग द्वारा कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी। 04 दिसम्बर 2024 को प्रवर्तन विभाग द्वारा ठेला माफियाओं के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए दस ठेलों को टाउनशिप के विभिन्न सेक्टर्स से जब्त किया गया।
इन ठेलों के वजह से आवागमन बाधित होने के साथ सड़क दुर्घटना की संभावना बनी रहती थी। इसके अलावा टाउनशिप में अवैध रूप से लगाए गए बैनर व पोस्टर हटाए गए। साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से सड़क दुर्घटनाओं को कम करने हेतु मिराज सिनेमा तथा जवाहर उद्यान के आस-पास से कुल 15 आवारा मवेशियों को पकड़ कर भिलाई नगर निगम द्वारा संचालित कोसा नगर गौठान को सौंपा गया।
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