: Big News: भिलाई MLA देवेंद्र का निर्वाचन रद्द करने याचिका स्वीकृत, 31 जुलाई को हाईकोर्ट में होगी सुनवाई
Big News: भिलाई MLA देवेंद्र का निर्वाचन रद्द करने याचिका स्वीकृत, 31 जुलाई को हाईकोर्ट में होगी सुनवाई
CGLIVE24 News@भिलाई. बिलासपुर हाईकोर्ट ने भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव के निर्वाचन के खिलाफ दायर की गई याचिका पर 31 जुलाई को अगली सुनवाई होगी। बता दें कि विधानसभा चुनाव में उनके प्रतिद्वंदी रहे भाजपा उम्मीदवार प्रेमप्रकाश पांडेय ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए यादव के चुनाव को रद्द करने की मांग की है।
भाजपा नेता पांडेय के वकील ने हाईकोर्ट में यादव के खिलाफ तर्क पेश करते हुए बताया कि उन्होंने फॉर्म 26 के तहत दायर हलफनामे में अपना नामांकन दाखिल करते समय कुछ तथ्यों का खुलासा नहीं किया या गलत उल्लेख किया है। वहीं कॉलम 3 को खाली छोड़ दिया है। इसके साथ ही यादव ने अपने संपर्क विवरण के साथ-साथ उसके संचालित सोशल मीडिया खातों का भी खुलासा नहीं किया है।
गलत आय और अपराध को छुपाया
हाईकोर्ट के समक्ष पांडेय के वकील ने बताया कि यादव व उनकी पत्नी द्वारा दी गई आय का विवरण भी गलत है। वहीं इस तथ्य को भी छुपाया गया है कि बिलासपुर के ममक्ष लंबित आपराधिक मामले में भी उसे अपराधी घोषित किया गया है। न्यायिक मजिस्टेट प्रथम ने एक आपराधिक मामले में उसके खिलाफ जमाती वारंट भी जारी किया था।
CGLIVE24 News@भिलाई. बिलासपुर हाईकोर्ट ने भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव के निर्वाचन के खिलाफ दायर की गई याचिका पर 31 जुलाई को अगली सुनवाई होगी। बता दें कि विधानसभा चुनाव में उनके प्रतिद्वंदी रहे भाजपा उम्मीदवार प्रेमप्रकाश पांडेय ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए यादव के चुनाव को रद्द करने की मांग की है।
भाजपा नेता पांडेय के वकील ने हाईकोर्ट में यादव के खिलाफ तर्क पेश करते हुए बताया कि उन्होंने फॉर्म 26 के तहत दायर हलफनामे में अपना नामांकन दाखिल करते समय कुछ तथ्यों का खुलासा नहीं किया या गलत उल्लेख किया है। वहीं कॉलम 3 को खाली छोड़ दिया है। इसके साथ ही यादव ने अपने संपर्क विवरण के साथ-साथ उसके संचालित सोशल मीडिया खातों का भी खुलासा नहीं किया है।
गलत आय और अपराध को छुपाया
हाईकोर्ट के समक्ष पांडेय के वकील ने बताया कि यादव व उनकी पत्नी द्वारा दी गई आय का विवरण भी गलत है। वहीं इस तथ्य को भी छुपाया गया है कि बिलासपुर के ममक्ष लंबित आपराधिक मामले में भी उसे अपराधी घोषित किया गया है। न्यायिक मजिस्टेट प्रथम ने एक आपराधिक मामले में उसके खिलाफ जमाती वारंट भी जारी किया था।
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