दुर्ग में 14 साल पहले बनाए थे 300 वॉलंटियर दो दिन की ट्रेनिंग दी, अब म : आज शाम 4 बजे दुर्ग में 6 और बीएसपी में लगे 2 सायरन बजेंगे
Vinod Prasad Wed, May 7, 2025
आज शाम 4 बजे दुर्ग में 6 और बीएसपी में लगे 2 सायरन बजेंगे
भिलाई दुर्ग-भिलाई में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल बुधवार शाम 4 बजे को होगी। जिला प्रशासन ने हवाई हमला होने की स्थिति में आम लोगों को खुद को बचाने और प्रशिक्षण देने की पूरी प्लानिंग कर ली है। हवाई हमला होने की सूचना देने के लिए रुक-रुककर करीब 5 मिनट तक सायरन बजाया जाएगा। इसी तरह हवाई हमला खत्म होने के संकेत के रूप में लंबा सायरन बजाया जाएगा। प्रशासन ने इसके लिए 6 स्थान तय किए हैं। वहीं, भिलाई स्टील प्लांट में लगे दो सायरन भी निर्धारित

समय पर बजाए जाएंगे। जिला प्रशासन दो स्थानों पर आगजनी की सूचना पर बचाव और राहत कार्य का रिस्पांस टाइम भी देखेगा। दोनों स्थानों का चयन बुधवार सुबह किया जाएगा।
दुर्ग में 14 साल पहले बनाए थे 300 वॉलंटियर दो दिन की ट्रेनिंग दी, अब मॉक ड्रिल में जुटेंगे
आज शाम 4 बजे दुर्ग में 6 और बीएसपी में लगे 2 सायरन बजेंगे

भिलाई दुर्ग-भिलाई में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल बुधवार शाम 4 बजे को होगी। जिला प्रशासन ने हवाई हमला होने की स्थिति में आम लोगों को खुद को बचाने और प्रशिक्षण देने की पूरी प्लानिंग कर ली है। हवाई हमला होने की सूचना देने के लिए रुक-रुककर करीब 5 मिनट तक सायरन बजाया जाएगा। इसी तरह हवाई हमला खत्म होने के संकेत के रूप में लंबा सायरन बजाया जाएगा। प्रशासन ने इसके लिए 6 स्थान तय किए हैं। वहीं, भिलाई स्टील प्लांट में लगे दो सायरन भी निर्धारित

समय पर बजाए जाएंगे। जिला प्रशासन दो स्थानों पर आगजनी की सूचना पर बचाव और राहत कार्य का रिस्पांस टाइम भी देखेगा। दोनों स्थानों का चयन बुधवार सुबह किया जाएगा।
अगर आज आपके शहर में अचानक सायरन गूंजे, बिजली गुल हो जाए या कोई आपात संकेत मिले तो घबराएं नहीं। यह किसी युद्ध की शुरुआत नहीं, बल्कि देश में 54 साल बाद पहली बार सबसे बड़ी सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल का हिस्सा है। इसके तहत सिविल डिफेंस के वॉलंटियर्स भीड़भाड़ वाले इलाकों में डेमो देंगे कि ऐसी स्थिति में आम लोगों को क्या करना चाहिए? इसमें लोगों को खुद शामिल नहीं होना है, यह सिर्फ इसलिए है, ताकि लोग वॉलंटियर्स से सीख सकें कि ऐसी स्थिति से कैसे निपटें ?
गृह मंत्रालय के निर्देश पर यह अभ्यास देश के 33 राज्यों और केंद्रशासित क्षेत्रों के 259 जिलों में बुधवार को अलग-अलग समय पर होगा। इनमें कई सीमावर्ती इलाके भी हैं। यह अभूतपूर्व अभ्यास 1971 युद्ध के बाद पहली बार इतने बड़े पैमाने पर हो रहा है। इसका उद्देश्य है- भारत-पाक तनाव और पहलगाम आतंकी हमले के बाद नागरिकों और प्रशासन को संभावित युद्ध जैसे हालात से निपटने के लिए तैयार करना। मंगलवार को केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में ड्रिल की तैयारियों की समीक्षा की गई। उधर, भारतीय वायुसेना बुधवार से पाकिस्तान सीमा के पास दो दिवसीय बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू करेगी। अभ्यास के लिए संबंधित एयरस्पेस में सामान्य उड़ानों पर असर पड़ेगा।
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