: फिल्म ‘द केरला स्टोरी’ पर पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से लगाई गई रोक सुप्रीम कोर्ट ने हटाया: कोर्ट ने कहा- इस रोक का कोई भी उचित आधार नहीं है, जरूरत पड़ने पर जज इस फिल्म को देखेंगे
Admin Fri, May 19, 2023
द केरला स्टोरी’ फिल्म पर पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से लगाई गई रोक सुप्रीम कोर्ट ने हटा दी है. कोर्ट ने कहा है कि इस रोक का कोई भी उचित आधार नहीं है. सिनेमा हॉल्स को सुरक्षा दी जाए…
नईदिल्ली (ए)। फिल्म ‘द केरला स्टोरी’ पर पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से लगाई गई रोक सुप्रीम कोर्ट ने हटा दी है. कोर्ट ने कहा है कि इस रोक का कोई भी उचित आधार नहीं है. कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार पर भी सख्त टिप्पणी करते हुए कहा है कि वह इस फिल्म को दिखाने वाले सिनेमा हॉल को सुरक्षा दी जाए. सरकार या उससे जुड़े लोगों की तरफ से सिनेमाघर मालिकों पर कोई दबाव न बनाया जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म के निर्माताओं से भी कहा है कि वह एक नया डिस्क्लेमर लगाएं. इसमें कहा जाए कि 32000 लड़कियों के गायब होने का आंकड़ा पुख्ता नहीं है. कोर्ट ने 20 मई की शाम 5 बजे तक यह नया डिस्क्लेमर लगा देने के लिए कहा है।
चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली 3 जजों की बेंच ने कहा कि वह फिल्म पर रोक न लगाने के हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ दाखिल याचिकाओं को भी सुनेगी. इसे 18 जुलाई को सुना जाएगा. तब जरूरत पड़ने पर जज इस फिल्म को देखेंगे।
इस पर जमीयत उलेमा ए हिंद के वकील हुजैफा अहमदी ने जजों से फिल्म जल्द देखने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा, “संभव हो तो जज इसी सप्ताहांत में फिल्म देखें. इसे OTT पर रिलीज होने से रोका जाए.” हालांकि, कोर्ट ने इस मांग पर कोई टिप्पणी नहीं की।
‘द केरला स्टोरी’ में केरल की हिंदू और ईसाई लड़कियों की कहानी दिखाई गई है. दावा किया गया गया कि हजारों लड़कियों ने संगठित लव जिहाद गैंग का शिकार होकर धर्म परिवर्तन किया. बाद में उन्हें आतंकी संगठन आईएसआईएस की गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए भारत से बाहर भेज दिया गया।
इस फिल्म पर रोक के लिए जमीयत उलेमा ए हिंद, कुर्बान अली समेत कई याचिकाकर्ताओं ने मद्रास और केरल हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन हाई कोर्ट ने रोक लगाने से मना कर दिया।
फिल्म ‘द केरला स्टोरी’ पर पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से लगाई गई रोक सुप्रीम कोर्ट ने हटाया: कोर्ट ने कहा- इस रोक का कोई भी उचित आधार नहीं है, जरूरत पड़ने पर जज इस फिल्म को देखेंगे
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फिल्म ‘द केरला स्टोरी’ पर पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से लगाई गई रोक सुप्रीम कोर्ट ने हटाया: कोर्ट ने कहा- इस रोक का कोई भी उचित आधार नहीं है, जरूरत पड़ने पर जज इस फिल्म को देखेंगे
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Amit P Soni
05/18/2023
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फिल्म ‘द केरला स्टोरी’ पर पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से लगाई गई रोक सुप्रीम कोर्ट ने हटाया: कोर्ट ने कहा- इस रोक का कोई भी उचित आधार नहीं है, जरूरत पड़ने पर जज इस फिल्म को देखेंगे
‘द केरला स्टोरी’ फिल्म पर पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से लगाई गई रोक सुप्रीम कोर्ट ने हटा दी है. कोर्ट ने कहा है कि इस रोक का कोई भी उचित आधार नहीं है. सिनेमा हॉल्स को सुरक्षा दी जाए…
नईदिल्ली (ए)। फिल्म ‘द केरला स्टोरी’ पर पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से लगाई गई रोक सुप्रीम कोर्ट ने हटा दी है. कोर्ट ने कहा है कि इस रोक का कोई भी उचित आधार नहीं है. कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार पर भी सख्त टिप्पणी करते हुए कहा है कि वह इस फिल्म को दिखाने वाले सिनेमा हॉल को सुरक्षा दी जाए. सरकार या उससे जुड़े लोगों की तरफ से सिनेमाघर मालिकों पर कोई दबाव न बनाया जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म के निर्माताओं से भी कहा है कि वह एक नया डिस्क्लेमर लगाएं. इसमें कहा जाए कि 32000 लड़कियों के गायब होने का आंकड़ा पुख्ता नहीं है. कोर्ट ने 20 मई की शाम 5 बजे तक यह नया डिस्क्लेमर लगा देने के लिए कहा है।
चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली 3 जजों की बेंच ने कहा कि वह फिल्म पर रोक न लगाने के हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ दाखिल याचिकाओं को भी सुनेगी. इसे 18 जुलाई को सुना जाएगा. तब जरूरत पड़ने पर जज इस फिल्म को देखेंगे।
इस पर जमीयत उलेमा ए हिंद के वकील हुजैफा अहमदी ने जजों से फिल्म जल्द देखने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा, “संभव हो तो जज इसी सप्ताहांत में फिल्म देखें. इसे OTT पर रिलीज होने से रोका जाए.” हालांकि, कोर्ट ने इस मांग पर कोई टिप्पणी नहीं की।
‘द केरला स्टोरी’ में केरल की हिंदू और ईसाई लड़कियों की कहानी दिखाई गई है. दावा किया गया गया कि हजारों लड़कियों ने संगठित लव जिहाद गैंग का शिकार होकर धर्म परिवर्तन किया. बाद में उन्हें आतंकी संगठन आईएसआईएस की गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए भारत से बाहर भेज दिया गया।
इस फिल्म पर रोक के लिए जमीयत उलेमा ए हिंद, कुर्बान अली समेत कई याचिकाकर्ताओं ने मद्रास और केरल हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन हाई कोर्ट ने रोक लगाने से मना कर दिया।
‘सिनेमाघरों को पर्याप्त सुरक्षा दी जाए’ 6 मई को यह फिल्म पूरे देश में रिलीज हुई. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर लगातार अच्छा प्रदर्शन भी कर रही है, लेकिन 8 मई को पश्चिम बंगाल सरकार ने इस फिल्म से अपने राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका जताते हुए इसके प्रदर्शन पर रोक लगा दी. आज गुरुवार 18 मई को राज्य सरकार के दावे को निराधार बताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस रोक को हटा दिया।
तमिलनाडु में भी कथित तौर पर राजनीतिक दबाव के चलते सिनेमाघरों ने फिल्म का प्रदर्शन रोक दिया था. तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दावा किया था कि उसने कोई रोक नहीं लगाई है. फिल्म को दर्शक नहीं देख रहे थे, इस कारण से सिनेमाघरों ने खुद ही उसे हटा लिया।
इसके जवाब में फिल्म निर्माताओं के वकील हरीश साल्वे ने कोर्ट को बताया कि कई सिनेमाघरों में फिल्म के शो के दौरान 90 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत तक सीटें भरी थीं. फिर भी शो अचानक रद्द कर दिए गए. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से कहा कि वह फिल्म दिखाने वाले सिनेमाघरों को पर्याप्त सुरक्षा दे।
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