: कचहरी में शूटआउट, वकील की ड्रेस में हमलावर… मुख्तार के करीबी की गोली मारकर हत्या
कचहरी में शूटआउट, वकील की ड्रेस में हमलावर… मुख्तार के करीबी की गोली मारकर हत्या
बच्ची को पेट-पीठ पर गोली लगी। वहीं, महिला के अंगूठे में गोली लगी है। इसके अलावा एक पुलिस कांस्टेबल को भी गोली लगी है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के वजीरगंज थाना क्षेत्र में मुख्तार अंसारी के करीबी की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक की शिनाख्त पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के रहने वाले कुख्यात माफिया संजीव जीवा माहेश्वरी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वकील की ड्रेस पहनकर आए हमलावरों ने कचहरी में घुसकर ताबड़तोड़ गोलियां दागीं। लखनऊ सिविल कोर्ट के बाहर गोली लगने पर मौके पर ही संजीव की मौत हो गई। भाजपा नेता ब्रह्मदत्त दिवेदी की हत्या सहित वह कई दूसरे मामलों में अभियुक्त था। हत्याकांड के बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। बताया जा रहा है कि इस दौरान एक महिला की गोद में बच्ची थी। बच्ची को पेट-पीठ पर गोली लगी। वहीं, महिला के अंगूठे में गोली लगी है। इसके अलावा एक पुलिस कांस्टेबल को भी गोली लगी है।हत्याकांड को उस वक्त अंजाम दिया गया, जब संजीव सुनवाई का इंतजार कर रहा था। वारदात को अंजाम देने के बाद शूटर्स ने कहा कि हम संजीव को मारने आए थे और मार दिया। बताते चलें कि संजीव जीवा मुख्तार अंसारी का शूटर था। उसका नाम कृष्णानंद राय हत्याकांड में भी सामने आया था। वर्तमान में संजीव लखनऊ जेल में बंद था। बताया जा रहा है कि संजीव पहले कंपाउंडर की नौकरी करता था। मगर, जल्द अमीर बनने के चक्कर में वह जुर्म की दुनिया में आ गया। उसने पहली वारदात को अंजाम देने के लिए दवाखाना संचालक को किडनैप किया था। इसके बाद वह कई तरह की वारदातों में शामिल हो गया। कई गैंग के लिए वह काम कर चुका है। वह हरिद्वार के नाजिम गैंग और सतेंद्र बरनाला गैंग के लिए भी काम कर चुका था। Cglive24 News YouTube playstoe
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हत्याकांड को उस वक्त अंजाम दिया गया, जब संजीव सुनवाई का इंतजार कर रहा था। वारदात को अंजाम देने के बाद शूटर्स ने कहा कि हम संजीव को मारने आए थे और मार दिया। बताते चलें कि संजीव जीवा मुख्तार अंसारी का शूटर था। उसका नाम कृष्णानंद राय हत्याकांड में भी सामने आया था।
वर्तमान में संजीव लखनऊ जेल में बंद था। बताया जा रहा है कि संजीव पहले कंपाउंडर की नौकरी करता था। मगर, जल्द अमीर बनने के चक्कर में वह जुर्म की दुनिया में आ गया। उसने पहली वारदात को अंजाम देने के लिए दवाखाना संचालक को किडनैप किया था। इसके बाद वह कई तरह की वारदातों में शामिल हो गया। कई गैंग के लिए वह काम कर चुका है। वह हरिद्वार के नाजिम गैंग और सतेंद्र बरनाला गैंग के लिए भी काम कर चुका था।
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