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: नहीं, नहीं, मुझे यह पसंद नहीं... पीएम मोदी ने की तीखी बहस, ट्रंप किस जिद पर अड़ गए?

नहीं, नहीं, मुझे यह पसंद नहीं... पीएम मोदी ने की तीखी बहस, ट्रंप किस जिद पर अड़ गए? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को रेसिप्रोकल टैरिफ की चेतावनी दी है। हाल में पीएम मोदी के साथ बाचीत में ट्रंप ने साफ कहा कि भारत जितना शुल्क अमेरिका पर लगाएगा, अमेरिका भी भारतीय सामानों पर उतना ही शुल्क लगाएगा। मोदी ने इसका विरोध किया लेकिन ट्रंप अपने रुख पर कायम रहे। हाइलाइट्स ट्रंप ने भारत को दी है रेसिप्रोकल टैरिफ की चेतावनी हाल में मोदी ने ट्रंप से रेसिप्रोकल टैरिफ पर बहस की अमेरिका से रेस‍िप्रोकल टैरिफ में कोई छूट नहीं मिलेगी ट्रंप का मानना है कि इससे व्यापार संतुलित होगा हाइलाइट्स पढ़ने के लिए ऐप डाउनलोड करें नई दिल्‍ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को जवाबी शुल्‍क यानी रेसिप्रोकल टैरिफ की चेतावनी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हालिया अमेरिकी दौरे पर इसे लेकर ट्रंप से पुरजोर बहस की। लेकिन, ट्रंप जिद पर अड़ गए। अमेरिकी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी को साफ-साफ कह दिया कि भारत को अमेरिका के रेसिप्रोकल टैरिफ से कोई छूट नहीं मिलेगी। ट्रंप ने फॉक्‍स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में इस बातचीत के बारे में बताया है। यह इंटरव्यू मंगलवार रात को प्रसारित हुआ। इसमें ट्रंप के साथ एलन मस्क भी थे। ट्रंप का कहना है कि भारत अमेरिकी सामानों पर जितना टैरिफ लगाएगा, अमेरिका भी भारतीय सामानों पर उतना ही शुल्क लगाएगा। ट्रंप ने कहा, 'टैरिफ के मामले में कोई मुझसे बहस नहीं कर सकता।' 13 फरवरी को व्हाइट हाउस में मोदी और ट्रंप की मुलाकात से कुछ घंटे पहले ही डोनाल्‍ड ट्रंप ने रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया था। इस योजना के तहत ट्रंप प्रशासन हर व्यापारिक साझेदार देश पर लगभग बराबर का जवाबी शुल्क लगाएगा। ट्रंप ने फॉक्‍स न्‍यूज को दिए इंटरव्यू में भारत समेत सभी साझेदार देशों के साथ अपने इस रुख को दोहराया। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है। पीएम मोदी को नहीं आया पसंद ट्रंप ने इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने पीएम मोदी से साफ कहा है कि अमेरिका भी वही शुल्क लगाएगा जो भारत अमेरिकी सामानों पर लगाता है। ट्रंप ने कहा, 'मैंने कल प्रधानमंत्री मोदी से कहा (जब वे यहां थे), हम यही करने जा रहे हैं- बराबर का जवाबी शुल्क। आप जो भी शुल्क वसूलेंगे, मैं भी वैसा ही करूंगा। संबंधित स्टोरीज़ बहुत गलत होगा... भारत का नाम लेकर ट्रंप ने कर दिया है क्‍या बड़ा इशारा? अब मुश्‍किल नहीं समझना  18 फरवरी 2025 आज की बड़ी खबरें, नई दिल्ली भगदड़ पर RPF रिपोर्ट में खुलासा, टोरंटो में प्लेन क्रैश क्या भारत के बारे में ट्रंप ने बोला है सच, जवाबी टैरिफ की बात क्यों? हर सवाल का जवाब' ट्रंप ने आगे बताया कि मोदी को यह बात पसंद नहीं आई। ट्रंप ने कहा, 'उन्होंने (मोदी) कहा- नहीं, नहीं, मुझे यह पसंद नहीं है। तो मैंने कहा- नहीं, नहीं, आप जो भी शुल्क लगाएंगे, मैं भी वैसा ही करूंगा। मैं हर देश के साथ ऐसा ही कर रहा हूं।' भारत अमेरिका से आयात होने वाली कुछ चीजों पर बहुत ज्‍यादा शुल्क लगाता है। उदाहरण के लिए ऑटोमोबाइल पर भारत 100 फीसदी शुल्क लगाता है। इंटरव्यू में एलन मस्क ने भी इस बात का जिक्र किया। मस्क ने कहा, 'यह 100 फीसदी है - ऑटो आयात पर 100 फीसदी शुल्क। हां, ये बहुत ज्यादा है। और कई अन्य चीजों पर भी ऐसा ही कुछ है।' टैर‍िफ के मामले में सख्‍त है ट्रंप का रुख ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि जवाबी शुल्क प्रणाली के तहत अमेरिका भारतीय आयातों पर उसी स्तर का शुल्क लगाएगा, जो भारत अमेरिकी वस्तुओं पर लगाता है। मतलब अगर भारत किसी अमेरिकी सामान पर 50% शुल्क लगाता है तो अमेरिका भी किसी भारतीय सामान पर 50% शुल्क लगाएगा। यही रेसिप्रोकल टैरिफ का सिद्धांत है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि इससे व्यापार संतुलित होगा और अमेरिकी कंपनियों को नुकसान नहीं होगा। ट्रंप के इस कदम से भारत-अमेरिका व्यापारिक रिश्तों पर असर पड़ सकता है। देखना होगा कि दोनों देश इस मामले को कैसे सुलझाते हैं। फिलहाल तो ट्रंप अपने रुख पर अड़े हुए हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि किसी भी देश को रेसिप्रोकल टैरिफ के मामले में कोई रियायत नहीं दी जाएगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे क्या होता है। क्या भारत अपने शुल्क कम करेगा या अमेरिका से टकराव मोल लेगा? ट्रंप ने अपने बयान में यह भी कहा कि वह हर देश के साथ ऐसा ही व्यवहार कर रहे हैं। उनका मानना है कि इससे अमेरिका का व्यापार घाटा कम होगा और अमेरिकी कंपनियों को फायदा होगा। हालांकि, कई विशेषज्ञों का मानना है कि जवाबी शुल्क से ग्‍लोबल ट्रेड वॉर शुरू हो सकता है। इससे दुनियाभर की अर्थव्यवस्था को नुकसान हो सकता है। यह भी देखना होगा कि इस मामले में भारत सरकार की क्या प्रतिक्रिया होती है। क्या भारत भी अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करेगा या फिर बातचीत के जरिए कोई रास्ता निकालेगा? फिलहाल, स्थिति थोड़ी पेचीदा है।  

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