: कुमारगुरु कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी की सी शक्ति नाम की टीम ने बनाई हाईड्रोजन इंजन से चलने वाली बोट, मोनाका प्रतियोगिता में लेगी भा
Admin Sat, Jun 10, 2023
कुमारगुरु कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी की सी शक्ति नाम की टीम ने बनाई हाईड्रोजन इंजन से चलने वाली बोट, मोनाका प्रतियोगिता में लेगी भा
दुनिया में ग्रीन ईंधन को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग प्रयोग किए जा रहे हैं ऐसे में तमिलनाडु के 10 लड़कों ने मिलकर एक ऐसी बोट बनाई है जो हाईड्रोजन इंजन से चलेगी…
नईदिल्ली (ए)। मोनाको में एनर्जी बोट चैलेंज के लिए तमिलनाडु के कुमारगुरु कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी की 10 सदस्यीय टीम का चयन किया गया. इस टीम ने हाइड्रोजन-ईंधन से संचालित एक नाव बनाई है जो इस वैश्विक प्रतियोगिता में भाग लेगी. यहां पर आए छात्रों का उद्देश्य हाइड्रोजन इंजन से चलने वाली नावों को व्यवसायिक तरीके से बनाना है।
बोटिंग इंडस्ट्री में ग्रीन रेवोल्यूशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रतिष्ठित यॉच क्लब डी मोनाको ने मोनाको एनर्जी बोट चैलेंज का आयोजन किया गया है. समुद्री में ई-मोबेलिटी को प्रोत्साहित करने के लिए, और जारो कॉर्बन पर जोर देने वाली नावों को बनाने के लिए स्टूडेंट्स और रिसर्चर की हेल्प करना भी इस प्रतियोगिता के कई उद्देश्यों में से एक है।
पिछले साल भी लिया था प्रतियोगिता में हिस्सा
इस बोट को बनाने वाली कुमारगुरु कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी की सी शक्ति नाम की टीम ने इस नाव को बनाकर लगातार दूसरे साल इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए क्वालीफाई किया है. इस टीम ने अपनी नाव को हाइड्रोजन ईंधन सेल और एक कस्टम-डिज़ाइन किए गए स्वदेशी प्रणोदन प्रणाली के साथ शक्ति प्रदान करने का निर्णय लिया है।
क्या बोले नाव को बनाने वाली टीम के सदस्य? नाव के पायलट स्वामीनाथन ने कहा कि टीम जुलाई में होने वाले मोनाको एनर्जी बोट चैलेंज में भाग लेने के लिए क्वालीफाई कर गई है. स्वामीनाथन ने कहा, प्रतियोगिता समुद्री यात्रा में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए है. प्रतियोगिता में तीन वर्ग हैं जहां हम ग्रीन एनर्जी वर्ग में भाग लेंगे और हमने नाव के लिए अपनी ऊर्जा प्रणाली विकसित की है।
उन्होंने कहा, एनर्जी सोर्स और इग्नीशेन के साथ-साथ अपने स्वयं के कॉकपिट मॉडल के बिना एक जुड़वां पतवार डिजाइन का उपयोग कर रहे हैं और हमने इसे उक्कड़म झील में परीक्षण किया जहां हमने 20 समुद्री मील की गति हासिल की।
पिछले साल भी लिया था प्रतियोगिता में हिस्सा
इस बोट को बनाने वाली कुमारगुरु कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी की सी शक्ति नाम की टीम ने इस नाव को बनाकर लगातार दूसरे साल इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए क्वालीफाई किया है. इस टीम ने अपनी नाव को हाइड्रोजन ईंधन सेल और एक कस्टम-डिज़ाइन किए गए स्वदेशी प्रणोदन प्रणाली के साथ शक्ति प्रदान करने का निर्णय लिया है।
क्या बोले नाव को बनाने वाली टीम के सदस्य? नाव के पायलट स्वामीनाथन ने कहा कि टीम जुलाई में होने वाले मोनाको एनर्जी बोट चैलेंज में भाग लेने के लिए क्वालीफाई कर गई है. स्वामीनाथन ने कहा, प्रतियोगिता समुद्री यात्रा में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए है. प्रतियोगिता में तीन वर्ग हैं जहां हम ग्रीन एनर्जी वर्ग में भाग लेंगे और हमने नाव के लिए अपनी ऊर्जा प्रणाली विकसित की है।
उन्होंने कहा, एनर्जी सोर्स और इग्नीशेन के साथ-साथ अपने स्वयं के कॉकपिट मॉडल के बिना एक जुड़वां पतवार डिजाइन का उपयोग कर रहे हैं और हमने इसे उक्कड़म झील में परीक्षण किया जहां हमने 20 समुद्री मील की गति हासिल की।
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