BREAKING NEWS

बच्चों के साथ खेलेंगे क्रिकेट, अलग-अलग कार्यक्रमों में होंगे शामिल

विधानसभा विशेष सत्र बुलाएगी साय सरकार

आयोजन की तैयारी तेज

गर्मियों की छुट्टियों का करें सदुपयोग : विजय चोपड़ा

जन्मोत्सव की पूर्व संध्या पर महाआरती व भजन संध्या

Advertisment

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9753200176 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9753200176 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9753200176 है।

31 दिसंबर तक कर लें ये जरूरी काम, मिलेगी बड़ी राहत, आयकर विभाग ने किया : 31 दिसंबर तक कर लें ये जरूरी काम, मिलेगी बड़ी राहत, आयकर विभाग ने किया बड़ा ऐलान

Vinod Prasad Sun, Sep 28, 2025

आयकर विभाग ने उन करदाताओं को बड़ी राहत दी है, जिन्हें गलत 87A छूट (rebate) की वजह से अतिरिक्त टैक्स चुकाने का नोटिस मिला था। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि अगर ऐसे करदाता अपना बकाया 31 दिसंबर 2025 तक चुका देते हैं, तो उन पर लेट पेमेंट का ब्याज नहीं लगाया जाएगा। यह आदेश आयकर अधिनियम की धारा 119 के तहत जारी किया गया है।

क्यों आया नोटिस?

CBDT ने बताया कि कई मामलों में आयकर रिटर्न पहले ही प्रोसेस हो चुके थे और विशेष दर पर टैक्स लगने वाली आय पर भी 87A छूट दे दी गई थी। बाद में सुधार करने पर यह छूट वापस लेनी पड़ी, जिससे अतिरिक्त टैक्स डिमांड उठ गई। सामान्य नियम के तहत, अगर टैक्स समय पर न चुकाया जाए तो धारा 220(2) के तहत ब्याज भी देना पड़ता है।

धारा 220(2) क्या कहती है?

इस प्रावधान के अनुसार, अगर कोई करदाता समय पर टैक्स नहीं भरता, तो बकाया रकम पर ब्याज लगता है और यह ब्याज तब तक बढ़ता रहता है जब तक पूरा भुगतान न हो जाए।

87A छूट किस पर लागू नहीं होती?

धारा 87A उन करदाताओं को राहत देती है जिनकी कुल आय ₹7 लाख से कम है। लेकिन यह छूट केवल सामान्य आय पर लागू होती है। यदि आय में पूंजीगत लाभ (Capital Gains), लॉटरी, या अन्य विशेष दर से टैक्स योग्य हिस्सा है, तो उस हिस्से पर छूट नहीं मिलती।

अब मिली राहत

CBDT ने कहा है कि अगर करदाता 31 दिसंबर 2025 तक टैक्स चुका देते हैं, तो ब्याज पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा। लेकिन इस तारीख तक भुगतान न करने पर ब्याज वसूला जाएगा।

क्यों अहम है यह कदम?

कई करदाताओं को पहले रिफंड मिल चुका था या कम टैक्स का आंकलन हुआ था। बाद में गलती सुधरने पर अचानक टैक्स नोटिस आ गया। ऐसे में, मानवीय पहलू को देखते हुए CBDT ने ब्याज माफी का फैसला लिया है, ताकि करदाता पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।

विज्ञापन

जरूरी खबरें