: भिलाई स्टील प्लांट: ओएचएस सेंटर पर फर्जीवाड़ा, बताया 11 सेंटर, लेकिन प्लांट में है सिर्फ 2
Admin Thu, Feb 6, 2025
भिलाई स्टील प्लांट:ओएचएस सेंटर पर फर्जीवाड़ा, बताया 11 सेंटर, लेकिन प्लांट में है सिर्फ 2
• भिलाई स्टील प्लांट में 43 फैक्ट्री है। इसमें से 23 हजार्ड है।
• नियम के तहत सभी फैक्ट्री में ओएचएस होना जरूरी है।
• दो-दो शॉप को मिलाकर एक-एक सेंटर बनाया जाएगा।
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सीजी लाइव 24न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल (स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया लिमिटेड सैल) के भिलाई स्टील प्लांट के पूर्व ईडी वर्क्स अंजनी कुमार और संयुक्त यूनियन के बीच ऐसी ठन गई है कि अब लपेटे में भिलाई स्टील प्लांट की छवि और प्रतिष्ठा आ रही है। मामला अब प्लांट के बाहर तक पहुंच चुका है। यूनियनें अंजनी कुमार को जिम्मेदार बता रही हैं।
सेल हड़ताल में शामिल कर्मचारियों का प्रमोशन रोकने और लगातार बीएसपी में हो रहे हादसों की शिकायत बीएसपी की संयुक्त यूनियनों ने इंडस्ट्रियल हेल्थ एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट के डिप्टी डायरेक्टर आशुतोष पांडेय से मुलाकात की।
वहां काफी देर तक बीएसपी के मुद्दों पर चर्चा होती रही। संयुक्त यूनियन के संयोजक वंश बहादुर सिंह ने बताया कि आशुतोष पांडेय जी ने जानकारी दी है कि बीएसपी में 11 ओएचएस सेंटर है। ऑक्यूपेशनल हेल्थ एंड सेफ्टी सेंटर की संख्या के बारे में सुनते ही यूनियन नेता एक-दूसरे का मुंह देखने लगे। कई लोगों के मुंह से तपाक से निकल गया कि सर, सब फर्जीवाड़ा है। दो सेंटर के अलावा कहीं कुछ नहीं है। कुछ कमरों के बाहर बोर्ड लगाकर इसे सेंटर बता दिया गया है।
संयुक्त यूनियन का कहना है भिलाई स्टील प्लांट (भिलाई स्टील प्लांट) में 43 फैक्ट्री है। इसमें से 23 हजार्ड है। नियम के तहत सभी फैक्ट्री में ओएचएस होना जरूरी है। लेकिन, बीएसपी में ऐसा नहीं है। राज्य सरकार के दबाव में यह बात सामने आई कि दो-दो शॉप को मिलाकर एक-एक सेंटर बनाया जाएगा।
मजदूर पर गिरा, हड्डी-पसली टूटी, तड़प करनिकला दम सीजी लाइव 24न्यूज
11 सेंटर की संख्या बताई गई। हकीकत यह है कि डाक्टर्स न होने की वजह से ओएचएस सेंटर संचालित नहीं किए जा रहे हैं। वहीं, बीएसपी प्रबंधन (बीएसपी मैनेजमेंट) का कहना है कि दो सेंटर ही संचालित हैं। बाकी को खोलने की प्रक्रिया चल रही है।
ये खबर भी पढ़ें: ब्रेकिंग न्यूज: भिलाई स्टील प्लांट में हादसा, स्टील बंडल से दबकर मजदूर की मौत
दूसरी ओर पिछले साल रेल मिल हादसे में ठेका मजदूर राम स्नेही गुप्ता का पैर कटने का मामला भी उठा। आशुतोष पांडेय ने कहा कि मेरे पास लिखित शिकायत आई थी। सीजीएम को निर्देशित किया था कि पीड़ित मजदूर का ख्याल रखा जाए। जैसे ही मजदूर ठीक हो जाएं, उन्हें काम पर रखा जाए ताकि परिवार का भरण-पोषण चल सके। इस मामले में मैं फिर सीजीएम रेल मिल को सख्त निर्देश जारी करूंगा।
डिप्टी डायरेक्टर हेल्थ एंड सेफ्टी आशुतोष पांडेय से मुलाकात करने वालों में इंटक के महासचिव वंश बहादुर सिंह, सीटू महासचिव जेपी त्रिवेदी, बीएमएस से चन्ना, एचएमएस महासचिव प्रमोद कुमार मिश्र, एटक महासचिव विनोद सोनी, एक्टू महासचिव बृजेंद्र तिवारी, लोइमू महासचिव सुरेंद्र मोहंती, स्टील वर्कर्स यूनियन से संजय गुप्ता शामिल थे।
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सीजी लाइव 24न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल (स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया लिमिटेड सैल) के भिलाई स्टील प्लांट के पूर्व ईडी वर्क्स अंजनी कुमार और संयुक्त यूनियन के बीच ऐसी ठन गई है कि अब लपेटे में भिलाई स्टील प्लांट की छवि और प्रतिष्ठा आ रही है। मामला अब प्लांट के बाहर तक पहुंच चुका है। यूनियनें अंजनी कुमार को जिम्मेदार बता रही हैं।
सेल हड़ताल में शामिल कर्मचारियों का प्रमोशन रोकने और लगातार बीएसपी में हो रहे हादसों की शिकायत बीएसपी की संयुक्त यूनियनों ने इंडस्ट्रियल हेल्थ एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट के डिप्टी डायरेक्टर आशुतोष पांडेय से मुलाकात की।
वहां काफी देर तक बीएसपी के मुद्दों पर चर्चा होती रही। संयुक्त यूनियन के संयोजक वंश बहादुर सिंह ने बताया कि आशुतोष पांडेय जी ने जानकारी दी है कि बीएसपी में 11 ओएचएस सेंटर है। ऑक्यूपेशनल हेल्थ एंड सेफ्टी सेंटर की संख्या के बारे में सुनते ही यूनियन नेता एक-दूसरे का मुंह देखने लगे। कई लोगों के मुंह से तपाक से निकल गया कि सर, सब फर्जीवाड़ा है। दो सेंटर के अलावा कहीं कुछ नहीं है। कुछ कमरों के बाहर बोर्ड लगाकर इसे सेंटर बता दिया गया है।
संयुक्त यूनियन का कहना है भिलाई स्टील प्लांट (भिलाई स्टील प्लांट) में 43 फैक्ट्री है। इसमें से 23 हजार्ड है। नियम के तहत सभी फैक्ट्री में ओएचएस होना जरूरी है। लेकिन, बीएसपी में ऐसा नहीं है। राज्य सरकार के दबाव में यह बात सामने आई कि दो-दो शॉप को मिलाकर एक-एक सेंटर बनाया जाएगा।
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11 सेंटर की संख्या बताई गई। हकीकत यह है कि डाक्टर्स न होने की वजह से ओएचएस सेंटर संचालित नहीं किए जा रहे हैं। वहीं, बीएसपी प्रबंधन (बीएसपी मैनेजमेंट) का कहना है कि दो सेंटर ही संचालित हैं। बाकी को खोलने की प्रक्रिया चल रही है।
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दूसरी ओर पिछले साल रेल मिल हादसे में ठेका मजदूर राम स्नेही गुप्ता का पैर कटने का मामला भी उठा। आशुतोष पांडेय ने कहा कि मेरे पास लिखित शिकायत आई थी। सीजीएम को निर्देशित किया था कि पीड़ित मजदूर का ख्याल रखा जाए। जैसे ही मजदूर ठीक हो जाएं, उन्हें काम पर रखा जाए ताकि परिवार का भरण-पोषण चल सके। इस मामले में मैं फिर सीजीएम रेल मिल को सख्त निर्देश जारी करूंगा।
डिप्टी डायरेक्टर हेल्थ एंड सेफ्टी आशुतोष पांडेय से मुलाकात करने वालों में इंटक के महासचिव वंश बहादुर सिंह, सीटू महासचिव जेपी त्रिवेदी, बीएमएस से चन्ना, एचएमएस महासचिव प्रमोद कुमार मिश्र, एटक महासचिव विनोद सोनी, एक्टू महासचिव बृजेंद्र तिवारी, लोइमू महासचिव सुरेंद्र मोहंती, स्टील वर्कर्स यूनियन से संजय गुप्ता शामिल थे।
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