: विकास को तरसती पत्रकार कॉलोनी।
Admin Wed, Apr 12, 2023
विकास को तरसती पत्रकार कॉलोनी। वर्ष 1996 में अस्तित्व में आई भिलाई की पत्रकार कॉलोनी आज 25 वर्षों बाद भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं! लगभग 45 पत्रकारों को वर्ष 1994 आवास हेतु भूखंड आवंटित तत्कालीन विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण प्रशासन ने किया था। न लाभ न हानि नियम के आधार पर विशुद्ध पत्रकारों को आवास हेतु उक्त भूखंड न बेचने न ट्रांसफर किये जाने की शर्त पर ॴबॎतित किया गया था। वर्ष 2003 तक कई पत्रकारों ने यहां घर बनवाकर रहना भी प्रारंभ कर दिया इस कॉलोनी का दुर्भाग्य समझा जाए या निगम प्रशासन की लापरवाही 45 पत्रकारों को यहां आवास हेतु प्लाट आंम्बटित किया गया था पर महज 10-12 पत्रकारों ने ही मकान बना लिया है ! ना बेचे जाने और ना ट्रांसफर किए जाने की शर्त पर पत्रकारों ने प्लाट बेच दिया जो जांच का विषय हो सकता है आखिर इन शर्तों के बाद भी निगम प्रशासन ने प्लाट बिक्री की अनुमति कैसे दी ? आज इसी वजह से कॉलोनी में आधे से अधिक प्लाट खाली पड़े हैं जो जंगली झाड़ियों से पड़े हैं कम मकान होने के कारण निगम भी आंखें फेरे बैठे हैं!
वरिष्ठ पत्रकार पारस गुप्ता
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